TOP 25+ महात्मा गांधी के अनमोल विचार

TOP 25+ Precious thoughts of Mahatma Gandhi

जहाँ प्रेम है, वहां ईश्वर है.
मैं दुनिया के सभी महान धर्मों की मूलभूत सच्चाई पर विश्वास करता हूं।
मैं उसे धार्मिक कहता हूँ जो दूसरों का दर्द समझता है.
संतोष प्रयस में निहित है, प्राप्ति में नहीं. पूर्ण प्रयास पूर्ण विजय है.
एक सभ्य घर के बराबर कोई विद्यालय नहीं है और एक भले अभिभावक जैसा कोई शिक्षक नहीं है.
एकमात्र तानशाह जिसे मैं स्वीकार करता हूँ वो है मेरे अन्दर की ‘स्थिर छोटी सी आवाज़.
लांकि हम उसे हज़ारों नामों से जानते हैं, वो हम सब के लिए एक समान है.
मेरे विचार से, एक मेमने का जीवन मनुष्य के जीवन से कम मूल्यवान नहीं है.
मौन तब कायरता बन जाता है जब परिस्थिति की मांग पूरा सच बता देने और उसी अनुसार कार्य करने की होती है.
प्राथना किसी बूढ़ी औरत का बेकार का मनोरंजन नहीं है. सही से समझा और लागू किया जाए, तो ये कर्म का सबसे सशक्त साधन है.
ये कर्म है, ना कि कर्म का फल जो महत्वपूर्ण है. आपको सही चीज करनी है. हो सकता है ये आपके बस में ना हो कि कोई फल मिलेगा. लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप सही चीज करना छोड़ दें.
अपने कर्म के फलों से बचने की कोशिश करना गलत और अनैतिक है.
प्रक्रिया प्राथमिकता व्यक्त करती हैं.
विविधता में एकता प्राप्त करने की हमारी क्षमता हमारी सभ्यता की सुन्दरता और परीक्षा होगी.

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