आर्ट थैरेपी से दूर होता है तनाव और सिरदर्द

शोधकर्ताओं ने विद्यार्थियों को तनाव से मुक्ति दिलाने और इससे हाेने वाले सिरदर्द को दूर करने के लिए एक रोचक तरीका ढूंढ निकाला है। हाल ही में हुए शोध में पता चला है कि वयस्कों की तुलना में किशोर इस समस्या से ज्यादा जूझ रहे हैं और वे स्कूल को इसकी एक बड़ी वजह बताते हैं। अमेरिका में लोगांे में तनाव होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन तनावग्रस्त किशोरों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। इसी वजह से कई स्कूलों ने बच्चों को तनाव से दूर करने के लिए कई तरह के उपाय भी किए हैं।

वॉशिंगटन विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक अध्ययन में पता चला है कि कला आधारित गतिविधियां बच्चों को तनाव से दूर करने में मदद कर सकती हैं, विशेषकर छोटी लड़कियों को होने वाले सिरदर्द को दूर करने में यह काफी प्रभावी है। तीन हफ्ते तक की गई सचेतन आर्ट थैरेपी में सामने आया है कि इससे छात्राओं को होने वाले सिरदर्द की संख्या में काफी कमी आई है। जब यह थैरेपी शुरू की गई थी तो इसमें भाग लेने वाली लड़कियों को होने वाले सिरदर्द की औसत संख्या 7.38 थी, लेकिन थैरेपी के बाद यह संख्या 40 फीसदी घटकर 4.63 रह गई। अार्ट थैरेपी जर्नल में इस बारे में प्रकाशित शाेध में बताया गया इस अध्ययन के खत्म होने के सात हफ्तेबाद
भी इन छात्राओं को होने वाले सिरदर्द की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।

इस शाेध के लेखक व विश्वविद्यालय के मानव केंद्रित डिजायन और इंजीनियरिंग विभाग के वैज्ञानिक एलिन ब्जोरलिंग कहते हैं कि इसे शोध से एक बात साफ हो गई है कि अगर हम अपनी रणनीतियों को सफल बनाना चाहते हैं तो हमें किशोरों पर ध्यान देना पड़ेगा। हमें उन्हें यह बताना होगा कि हम किस तरह उनके लिए बेहतर कर सकते हैं। साथ ही उन्हें यह भरोसा दिलाना होगा कि हम किस तरह से यह कर सकते हैं। यही वजह है कि हमारी इस छोटी स्टडी के परिणाम काफी अच्छे रहे। इस टीम ने सीएटल के एक हाईस्कूल की 14 से 17 साल की लड़कियों के साथ यह शोध किया था। इनको हफ्तेमें दो दिन 50-50 मिनट के लिए आर्ट थैरेपी दी गई।

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