दुकानदार नहीं ले रहे 1 और 2 रुपए के सिक्के, क्या बंद हो गए, जानिए सच्चाई

नई दिल्ली। पहले 10 रुपए के सिक्के बंद होने की खबरों पर पूरे देश में हल्ला मचा। लोगों ने असली-नकली और बंद होने के नाम पर लेना बंद कर दिया। अब इस संकट का शिकार हो रहे हैं 1 रुपए और 2 रुपए के सिक्के। ना तो ग्राहक इन सिक्कों को लेना चाह रहा है और ना ही दुकानदार। जिसके पास आया, उसी की जेब में रहेगा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ये सिक्के बंद गए या इसके पीछे है कोरी अफवाह। हमने की पड़ताल:

नहीं लेंगे भाईसाहब

पिछले एक दो माह से बाजारों में ये ही आलम है। दुकानदार 1 रुपए और 2 रुपए के सिक्के वापस तो करता है लेकिन खुद लेता नहीं है। इसी तरह ग्राहक अपने पास पड़े सिक्के खपाना तो चाहता है पर लेना नहीं।

ये हो रहा असर

1 रुपए और 2 रुपए के सिक्कों पर आए इस संकट के चलते नुकसान हो रहा है ग्राहकों का। वो ऐसे कि अब लोगों को 1 रुपए और 2 रुपए में कोई चीज खरीदनी है तो कम से कम 10 रुपए की लेनी ही होगी। दूसरी और दुकानदार की भी कोशिश रहती है कि सामान की कीमत खुल्ले में ना आए। वह ग्राहक को ज्यादा चीज देकर कम से कम 10 रुपए लेना चाहता है।

ये दो कारण कर रहे कबाड़ा

1 रुपए और 2 रुपए के सिक्कों के साथ ये खिलवाड़ दो वजहों से हो रहा है। पहली वजह है नोटबंदी के बाद सरकार की ओर से अधिक मात्रा में चिल्लड़ का बाजार में उतारना। इससे लोगों के पास सिक्कों के ढेर लग गए हैं। दूसरी वजह है सोशल मीडिया की अफवाहें। यहां लोग मनमुताबिक जानकारी देकर सिक्कों के बंद होने की अफवाहें फैला रहे हैं। हालांकि कई दुकानदार सिक्कों को ले रहे हैं। वहीं कुछ ग्राहक भी इसे अफवाह बताकर सिक्कों से खरीदारी कर रहे हैं।

ये है हकीकत

असलियत ये है कि ना ही सरकार और ना ही बैंकों ने 1 रुपए और 2 रुपए के सिक्के बंद किए हैं। बैंकों से जुड़े अधिकारियों का साफ कहना है कि ना ही दुकानदार और ना ही ग्राहक सिक्कों को लेने से इंकार नहीं कर सकता है। 1 रुपए और 2 रुपए के सिक्के प्रचलन में हैं।

नहीं लें सिक्के तो क्या करें

अब सवाल ये उठता है कि जब सरकार ने बंद नहीं किए तो सिक्के नहीं लेने वालों को कैसे समझाया जाए। समझाने पर नहीं माने तो क्या किया जाए। चलन में मौजूद भारतीय मुद्रा को नहीं लेने पर आप बैंक अथवा पुलिस में इसकी शिकायत कर सकते हैं। भारतीय मुद्रा को लेने से इंकार साबित होने पर 7 साल से 12 साल तक की सजा, 20 हजार रुपए का जुर्माना या फिर दोनों सजा भी हो सकती है।

कई जगह हो चुके हैं विवाद

देश के कई हिस्सों में ​सिक्कों के लेनदेन को लेकर धरना—प्रदर्शन तक हो चुके हैं। कुछ स्थानों पर व्यापारियों और आम लोगों के बीच समाधान के लिए चर्चाएं भी हुई हैं। एक दो जगह बैंकों को भी आदेश जारी किया गया है कि वे सिक्के जमा करने वालों से सहयोग करें। हालांकि केंद्र व राज्य सरकारों और आरबीआई की तरफ से बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया है।

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